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आज 12 और 13 अगस्त तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन : रायपुर में Green Steel & Mining Summit 2026 शुरू, ग्रीन स्टील पर दुनिया की नजर

Rashtriya Seva Johar / Wed, Aug 12, 2026 / Post views : 12

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दिनों देश के स्टील और माइनिंग सेक्टर से जुड़े एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्र बनी हुई है। Confederation of Indian Industry (CII) की ओर से 12 और 13 अगस्त 2026 को नवा रायपुर स्थित Mayfair Lake Resort में पांचवें Green Steel & Mining Summit 2026 का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में स्टील और खनन उद्योग को अधिक स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने को लेकर विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के बीच चर्चा हो रही है।

‘ग्रीन स्टील’ पर रहेगा मुख्य फोकस

इस वर्ष समिट की मुख्य थीम “Decarbonizing the Indian Steel Industry” रखी गई है। इसका सीधा अर्थ भारतीय इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। स्टील उद्योग देश के औद्योगिक विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन इसके उत्पादन में ऊर्जा की बड़ी खपत और कार्बन उत्सर्जन भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में कम-कार्बन तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उत्पादन को बढ़ावा देना बड़ी चुनौती और आवश्यकता दोनों है।

400 से ज्यादा प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद:

समिट में 400 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसमें नीति-निर्माता, स्टील एवं माइनिंग उद्योग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता, टेक्नोलॉजी प्रदाता और समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियां शामिल होंगी। सम्मेलन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों के लिए तकनीकी और व्यावहारिक समाधान तलाशना भी है।

तकनीक और निवेश के अवसरों पर भी चर्चा:

ग्रीन स्टील की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई तकनीक, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और नीतिगत सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। समिट में इन्हीं विषयों से जुड़े पॉलिसी फ्रेमवर्क, नई तकनीकों, निवेश के अवसरों और उद्योगों के बीच सहयोग पर चर्चा की जा रही है। आयोजन में तकनीकी प्रदर्शनी के माध्यम से नई तकनीकों और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?

छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इस्पात उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में स्टील, स्पंज आयरन, बिजली और खनन क्षेत्र से जुड़ी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। ऐसे में ग्रीन स्टील और कम-कार्बन उत्पादन को लेकर होने वाला यह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है।

राज्य में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण विषय रहेगा। ग्रीन स्टील की दिशा में नई तकनीकों और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन को अपनाने से उद्योगों के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी होंगे शामिल:

समिट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संबोधन का कार्यक्रम भी है। ऐसे में राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन को लेकर सरकार का दृष्टिकोण भी सामने आने की उम्मीद है।

भारत के ‘ग्रीन ट्रांजिशन’ में महत्वपूर्ण कदम:

दुनिया भर में उद्योगों को कम कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में भारत के स्टील सेक्टर को भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखते हुए अधिक पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन की ओर बढ़ना होगा।

रायपुर में आयोजित यह समिट इसी बदलाव के लिए उद्योग, सरकार, तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। यहां होने वाली चर्चा और तकनीकी आदान-प्रदान से भविष्य में स्टील एवं माइनिंग सेक्टर में नई तकनीकों, निवेश और सहयोग की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

क्या है Green Steel?:

ग्रीन स्टील सामान्य तौर पर ऐसे स्टील उत्पादन को कहा जाता है, जिसमें पारंपरिक उत्पादन प्रक्रिया की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, कम-कार्बन तकनीक और उत्पादन प्रक्रिया में बदलाव जैसी रणनीतियों पर काम किया जाता है।

12-13 अगस्त का यह सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक—स्टील और माइनिंग—को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में तकनीक, नीति और निवेश के स्तर पर आगे की रणनीति पर मंथन हो रहा है।

Tags :

Green steel and mining Summit 2026

Vishnu Dev say

Confederation of Indian Industry (CII)

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