RESHAM SAHU / Mon, Aug 10, 2026 / Post views : 11
बांकी मोंगरा कोरबा । कभी बच्चों की किलकारियों और लोगों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला बांकीमोंगरा का एसईसीएल गार्डन आज बदहाली और कचरे के ढेर के बीच अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। कभी सुबह-शाम टहलने, व्यायाम और परिवार के साथ समय बिताने के लिए क्षेत्रवासियों की पसंद रहा यह गार्डन अब गंदगी और दुर्गंध से परेशान लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में एसईसीएल की खदानों के धीरे-धीरे बंद होने के साथ ही गार्डन के रखरखाव पर भी ध्यान कम होता गया। नियमित सफाई, देखरेख और विकास के अभाव में गार्डन की हालत लगातार खराब होती चली गई।
कई बार उठी विकास की मांग, नहीं बदली तस्वीर
गार्डन के जीर्णोद्धार और विकास को लेकर स्थानीय लोगों तथा विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर मांग उठाई जाती रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस गार्डन का उपयोग कभी बड़ी संख्या में लोग करते थे, आज वही जगह उपेक्षा की तस्वीर बन गई है।

गार्डन में कचरा फेंके जाने की शिकायत
सबसे गंभीर बात यह है कि गार्डन परिसर में एसईसीएल कॉलोनी क्षेत्र से निकलने वाला कचरा फेंके जाने की शिकायत सामने आ रही है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों द्वारा भी यहां कचरा डाले जाने की बात कही जा रही है। वहीं नगर क्षेत्र से निकलने वाले कचरे को भी गार्डन परिसर के आसपास फेंके जाने की शिकायत है।
कचरे के ढेर और प्लास्टिक की पन्नियों के कारण पूरे परिसर का वातावरण खराब हो रहा है। दुर्गंध के चलते आसपास रहने वाले लोगों और गार्डन में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कचरा खा रहे मवेशी, बढ़ा खतरा
गार्डन में जगह-जगह पड़े प्लास्टिक और खाद्य कचरे के कारण मवेशी भी यहां पहुंच रहे हैं। भोजन की तलाश में मवेशियों द्वारा प्लास्टिक की पन्नियां खाने की स्थिति पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में यह मामला केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण और पशु सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
फिर से बच्चों की किलकारियों से गूंजे गार्डन
स्थानीय लोगों का कहना है कि एसईसीएल को सामाजिक दायित्व के तहत इस गार्डन के संरक्षण और विकास की दिशा में पहल करनी चाहिए। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा और एसईसीएल प्रबंधन को आपसी समन्वय से गार्डन की सफाई, सौंदर्यीकरण, नियमित रखरखाव और कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
लोगों की मांग है कि समय रहते गार्डन का जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि एक बार फिर यहां बच्चों की किलकारियां गूंजें और यह स्थान क्षेत्रवासियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और मनोरंजन का बेहतर केंद्र बन सके।
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