Rashtriya Seva Johar / Mon, Aug 10, 2026 / Post views : 10
नई दिल्ली। गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इस मानसून सीजन में वायरस से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 मामलों की पुष्टि हुई है। बड़ी संख्या में संदिग्ध मामलों की जांच भी जारी है।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुजरात और राजस्थान में National Joint Outbreak Response Team (NJORT) तैनात की है। टीम का उद्देश्य संक्रमण की स्थिति की जांच, निगरानी और बीमारी की रोकथाम के उपायों को मजबूत करना है।
चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से बच्चों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। तेज बुखार, उल्टी, तेज सिरदर्द, अत्यधिक नींद या सुस्ती और दौरे जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वायरस का प्रसार मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (रेत मक्खी) जैसे कीटों से जुड़ा है। इसलिए बच्चों को कीटों के काटने से बचाना और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल घबराने के बजाय सावधानी और समय पर चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।
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Gujarat
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Chandipura virus
Acute encephalitis syndrome
National Joint Outbreak Response Team (NJORT)
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