Rashtriya Seva Johar / Sun, Aug 16, 2026 / Post views : 5
दिल्ली, 16 अगस्त 2026।
भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना के लिए करीब ₹70,000 करोड़ की Project-75(I) पनडुब्बी परियोजना अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना का प्रस्ताव आने वाले दिनों में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के सामने रखा जा सकता है।
6 आधुनिक पनडुब्बियां बनाने की योजना:
Project-75(I) के तहत भारतीय नौसेना के लिए 6 आधुनिक conventional submarines बनाने की योजना है। प्रस्तावित परियोजना में भारत की Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) और जर्मनी की Thyssenkrupp Marine Systems (TKMS) के बीच सहयोग शामिल है। पनडुब्बियों का निर्माण भारत में किए जाने की योजना है।
नौसेना की ताकत बढ़ाने पर जोर:
इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय नौसेना की underwater warfare क्षमता को मजबूत करना और देश में अत्याधुनिक पनडुब्बियों के निर्माण की क्षमता बढ़ाना है। Project-75(I) में Air Independent Propulsion (AIP) जैसी आधुनिक तकनीक से लैस conventional submarines की परिकल्पना की गई है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना से भारत में submarine design और manufacturing ecosystem को भी बढ़ावा मिलेगा।
अभी अंतिम डील पर मुहर नहीं:
हालांकि, ₹70,000 करोड़ की डील को आज अंतिम रूप से मंजूर हो गई डील बताना सही नहीं होगा। 16 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार प्रस्ताव अभी CCS के समक्ष जाने की प्रक्रिया में है। अंतिम मंजूरी और उसके बाद अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने पर ही इसे औपचारिक रक्षा सौदा माना जाएगा।
भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को हाल के महीनों में भी मजबूती मिली है। जून 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
खास बात: यह खबर भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ देश में रक्षा उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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Mazagon Dock Shipbuilders (MDL)
Thyssenkrupp Marine Systems (TKMS)
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