Simran Mallick / Thu, Jul 16, 2026 / Post views : 140
पुरी।
विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के 15 दिवसीय अनसर (अनवसर) काल का समापन हो गया है। मान्यता के अनुसार स्नान पूर्णिमा के दिन 108 कलशों के जल से महाअभिषेक के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और उन्हें 15 दिनों तक विश्राम कराया जाता है। इस दौरान विशेष सेवायत और राजवैद्य उनकी सेवा एवं उपचार करते हैं।
अनसर काल के बाद भगवान के स्वास्थ्य में सुधार होने पर 'नवयौवन दर्शन' और 'नेत्रोत्सव' की परंपरा निभाई जाती है। इसी के साथ यह माना जाता है कि भगवान पूर्णतः स्वस्थ होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए तैयार हो गए हैं। रथ यात्रा से पहले पारंपरिक रूप से भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण और विशेष आयुर्वेदिक उपचार पूरा किया जाता है।
वर्ष 2026 में जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को आयोजित की जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों में सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
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